IGCSE Hindi (Second Language) Paper-1: Specimen Questions with Answers 26 - 29 of 143

Passage

हम्पी स्वप्नों की नगरी

लगभग पांच शताब्दी पूर्व पुर्तगाली इतिहासकार डोमिंग पेस ने हम्पी (विजयनगर) को स्वप्नों की नगरी कहा था। यह संगम दंश के शासकों की राजधानी थी जिन्होंने 1336 में प्राचीन हम्पी के निर्माण स्थल पर विजय नगर साम्राज्य की नींव रखी थी। लेकिन वह कृष्णदेव राय (1509 - 1529) थे जिन्होंने भव्य महल और मंदिरों से राजधानी को अलंकृत किया और विजयनगर साम्राज्य की सीमाओं को दूर-दूर तक फेलाया जिससे वह दक्षिण भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली हिन्दु साम्राज्य बना। परन्तु इस साम्राज्य की शक्ति का पतन पड़ोसी बहमई राज्यों के संघ के 1565 में संयुक्त आक्रमण से आरंभ हुआ। इस विजयनगर को परास्त करके नष्ट कर दिया गया। यह उस साम्राज्य का दुखद अंत था जो कभी अरब सागर से बंगाल की खाड़ी और दक्कन पठार से भारतीय प्रायद्धीप तक फेला था। विजयनगर के भग्नाशेष एक दूसरे पर टंगी विशाल चट्‌टानों की निर्जन दृश्यावली के बीच फेले हैं।

दक्षिण भारत के राजनीतिक परिदृश्य में अपने उदय से पूर्व हम्पी कई शताब्दियों से एक प्रख्यात पावन स्थल था। रामायण में जैसा वर्णित है यह बाली शासित क्षेत्र किष्किन्धा का एक भाग था। इस स्थान में बाली और सुग्रीव, हनुमान, राम सीता, लक्ष्मण से जुड़ी अनेक घटनाएं घटी हैं। तुंगभद्रा नदी के पार स्थित वर्तमान एनीगोण्डी दुर्ग इस बानर साम्राज्य का प्रमुख केन्द्र था। हम्पी के चट्‌टानी पर्वत जैसे हेमकूट पर्वत, मातण्ग पर्वत और माल्यावंथ पर्वत का उल्लेख रामायण में मिलता है। तुंगभद्रा का प्राचीन नाम और पार्वती का नाम पम्पा है जिसने विरूपाक्ष रूपी शिव से विवाह किया था। इसी नाम पर इस नगरी का नाम पड़ा है। हम्पी नाम की उत्पत्ति पम्पा या पम्पापति से ही हुई है।

अपनी राजनीतिक शक्ति के चरम पर विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत हिन्दु धर्म का प्राचीर था और दिल्ली सल्तनत व पड़ोसी राज्यों जैसे गोलकुंडा, अहमदनगर, गुलबर्गा व बीदर से आक्रमणों को प्रभावी ढंग से रोकता था। लेकिन फिर 1565 में छिड़े तालीकोट युद्ध में बहमई राज्यों ने विजयनगर के अभूतपूर्व इतिहास के पृष्ठों में अंत लिख दिया।

हम्पी की अधिकांश निर्माण रचनाएं कृष्णदेव राय (1509 - 29) के शासनकाल की हैं। विठ्‌ठल और कृष्ण मंदिर, विस्पाक्ष के गोपुर, नरसिम्ह और गणेश की भीमकाय प्रतिमाएं, विराट राजसी सभा मंच, भव्य पुष्करणी सीढ़ीदार जलाशय, जलसेतु और कई अनेक निर्माण कार्य इस प्रतापी शासक की प्रखर प्रतिमा के साक्षात प्रमाण हैं।

हम्पी की यात्रा का आरंभ हेमकूट पर्वत से करना सर्वोतम है। यह पर्वत छोटे छोटे तीन मंदिरों के समूहों से घिरा हुआ है जिनकी सीढ़ीदार पिरामिड सरीखी छतें हैं। अधिकांश मंदिर विजयनगर पूर्वकाल के हैं। हेमकूट पर्वत से विरूपाक्ष मंदिर और उसकी पृष्ठीाूमि में बहती तुंगभद्रा नदी का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है। फोटोग्राफी के लिए सह स्थान सर्वोपयुक्त है।

विरूपाक्ष मंदिर का 52 मीटर ऊंचा शानदार पूर्वी गोपुर और भव्य 700 मीटर लंबा मंदिर मार्ग हम्पी का व्यापार केन्द्र है। मंदिर में गोपुर से प्रवेश करने पर भीतरी प्रांगण के केन्द्र में मंदिर है जिसका प्रभावशाली स्तम्भों वाला मंडप है। गर्भगृह एक छोर पर स्थित है। इसमें विरूपाक्ष लिंग है जो परम पवित्र माना जाता है। इसकी भव्य भीतरी छत पर विजयनगर के चित्र हैं। यहां कई छोटे मंदिर हैं जिनमें से एक विद्यारण्य का है। इस महान संत के आर्शीवाद से ही 1336 में इस राजधानी की स्थापना हुई थी। विरूपाक्ष मंदिर ही हम्पी का एकमात्र मंदिर है जहां प्रतिदिन पूजा की जाती है।

Question number: 26 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

Is the Following Statement True or False?

हम्पी के चट्‌टानी पर्वत जैसे हेमकूट पर्वत, मातण्ग पर्वत और मल्यावंथ पर्वत का उल्लेख रातचरितमानस मे मिलता है।

Answer

TRUE

Explanation

हम्पी के चट्‌टानी पर्वत जैसे हेमकूट पर्वत, मातण्ग पर्वत और मल्यावंथ पर्वत का उल्लेख रातचरितमानस मे मिलता है।

Question number: 27 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

Is the Following Statement True or False?

विजयनगर साम्राज्य के पतन की शुरूआत बहमई राज्यों के संघ के संयुक्त आक्रमण से हुई।

Answer

TRUE

Explanation

विजयनगर साम्राज्य के पतन की शुरूआत बहमई राज्यों के संघ के संयुक्त आक्रमण से हुई।

Question number: 28 (8 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

विजयनगर राज्य का फैलाव कहाँ तक हुआ था?

Explanation

कभी अरब सागर से बंगाल की खाड़ी और दक्कन पठार से भारतीय प्रायद्धीप तक फैला था। विजयनगर के भग्नाशेष एक दूसरे पर टंगी विशाल चट्‌टानों की निर्जन दृश्यावली के बीच फेले हैं।

Question number: 29

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Describe in Detail

आरती पटेल की उम्र 15 वर्ष है। वह नई दिल्ली में बाबर रोड़ पर स्थित 12 नंबर के मकान में अपने परिवार के साथ रहती है। उसका टेलिफोन न. 22234579 हैं। आरती का ईमेल पता है, arati49@hotmail. com वह शिक्षा में अपने सकूल की श्रेष्ठ छात्रा होने के साथ-साथ तीरंद़ाजी में भी माहिर है और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आती है। इस वर्ष दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीष्य प्रतियोगिता का विज्ञापन उसने देखा उसमें भाग लेना चाहती है। उसका मानना है कि इन खेलों के माध्यम से वह राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की अभ्यास श़ैली और प्रतियोगियों के प्रदर्शन दव्ारा बहुमूल्य अनुभव प्राप्त कर सकती है। यही कारण है कि वह इस अवसर पर ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों से मिलना चाहती है।

आरती पटेल ने यह विज्ञापन देखा और वह इस राष्ट्रीय खेलों में खेल अधिकारियों के सहकर्मी के पद के लिए आवेदन करना चाहती है।

राष्ट्रीय खेल चयन समिति

खेल गांव, पंचशील, नई दिल्ली 110001

दूरभाष 27983445,27593484

आवेदन पत्र आमंत्रित हैं तीरंदाजी में विशेष योग्यता प्राप्त छात्र-छात्राओं से

तीरंदाजी के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त 14 - 16 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर पर चयनित करने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बच्चों को 20,000 रूपये की धनराशि तथा एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

इस संबंध में दिल्ली सरकार के सार्वजनिक विज्ञापन को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रधानाचार्य भी खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकते हैं।

यह आवेदन पत्र राष्ट्रीय खेल चयन समिति को ईमेल दव्ारा या फिर सीधे जगत जाल पर भी आवेदन किया जा सकता है। यह अनुशंसा 31 जुलाई, 2011 तक भेजी जा सकती है।

आप अपने को आरती पटेल मानकर नीचे दिए गए आवेदन पत्र को भरिए।

Explanation

राष्ट्रीय खेल चयन समिति

खेल गांव, पंचशील, नई दिल्ली 110001

दूरभाष 27983445,27593484

आवेदक का नाम……… आरती पटेल ……………………………………………………………….

आयु- ………. . 15 वर्ष ……………………………………………………………….

ईमेल-…………. . arati49@hotmail. com ………………………………………………………………….

स्थायी पता ………मकान. न. 12. , बाबर रोड़, नई दिल्लीं …

दूरभाष ……. न. 22234579 ………………………………………….

अपने खेल की जानकारी दीजिए

……. अपने सकूल की श्रेष्ठ छात्रा होने के साथ-साथ तीरंद़ाजी में भी माहिर हूं और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आती हूं। ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….

आप इस खेल के लिए क्यो आवेदन करना चाहते हैं?

…… इन खेलों के माध्यम से मैं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की अभ्यास श़ैली और प्रतियोगियों के प्रदर्शन दव्ारा बहुमूल्य अनुभव प्राप्त कर सकती है व इस अवसर पर ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों से मिलना चाहती है। यही कारण है कि मैं इस खेल के लिए आवेदन करना चाहती हूं।……………………………………. .