IGCSE Hindi (Second Language) Paper-1: Specimen Questions with Answers 139 - 139 of 143

Question number: 139

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निम्नलिखित लेख जो प्रदुषण की समस्या पर केन्द्रित है उसे पढ़ने के बाद संक्षेप में लेख के मुख्य पहलूओं को अपने शब्दों में लिखिए।

आपका लेख संक्षिप्त और 100 शब्दों से ज्य़ादा नहीं होना चाहिए।

पाठांश से वाक्य उतारना उचित नहीं है।

भयावह प्रदूषण

इस दुनिया के सामने यदि कोई खतरा सबसे भयावह है तो वह न तो बाहरी प्रतिस्पर्धा है और न ही गरीबी की बढ़ती फौज। जिस तरह धरती से लेकर आसमान तक प्रदूषण का दायरा बढ़ता जा रहा है, वह मानवता का सबसे बड़ा शत्रु बनता जा रहा है। ऐसा कोई क्षेत्र यहाँ बचा है जिस पर प्रदूषण की मार नहीं पड़ी हो। स्थिति यह है कि धरती पर रहना दूभर हो रहा है क्योंकि कहीं भी चले जाइए प्रदूषण बाँहे पसारे विनाश की दावत देता दिखाई दे रहा है।

‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ का कहना है कि सारी दुनिया में हर साल 30 लाख लोग घर के बाहर वायु प्रदूषण से अपनी जान गंवाते हैं। वाहनों तथा उद्योगों से निकली प्रदूषित वायु उन्हें इस दुनिया से ऊपर उठा देती है। घर के अंदर भी इंसान सुरक्षित नहीं है। लगभग 16 लाख लोग ख़ासकर गरीब के लोग घरों के अंदर ईंधन का उपयोग कर प्रदूषित वायु के शिकार होकर दुनिया को अलविदा कह जाते हैं।

वायु ही नहीं इस धरती पर अब जल भी सुरक्षित नहीं रहा है। विकासशील देशों में बीमार पड़ने और मरने वाले 80 प्रतिशत लोग जल-जनित रोगों के शिकार होते हैं। इन देशों में प्रति आठ सेकंड एक बच्चा जल-जनित रोग का शिकार होकर दम तोड़ देता है। प्रति वर्ष डायरिया और प्रदूषित जल से 21 लाख लोग इस दुनिया से कूच कर जाते हैं।

Explanation

लेख

आज के विज्ञान-युग में प्रदुषण की समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। उद्योगों के विस्तार के कारण प्रदुषण और भी अधिक बढ़ गया है। धरती का वायुमंडल इतना विषैला हो गया है कि किसी भीड़ भरे चौराहे पर सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होने लगती है। उपयोगिता के हाथों प्राकृतिक साधनों का अंधा-धुंध दोहन हुआ है, परिणामस्वरूप वातावरण में निरंतर प्रदुषण बढ़ा ही है। आज स्थिति यह हो गई है कि न केवल हवा बल्कि जल-स्त्रोत भी दूषित हो गए हैं। यदि हम अब भी संभले नहीं तो विनाशकारी परिणाम शीघ्र सामने आएँगे।

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