IGCSE Hindi (Second Language) Paper-1: Specimen Questions with Answers 105 - 105 of 143

Question number: 105

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आपकी मनपंसद पुस्तक

अपनी एक मनपसंद पुस्तक के लेखक को पत्र लिखिए, जिसमें लिखिए कि इन किताबों ने किस तरह आपके जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाई है।

आपका पत्र 150 या 200 शब्दों से ज्यादा का नहीं होना चाहिए।

लिखित पत्र पर अंक विषय संबंधी अंर्तवस्तु, शैली और सही भाषा लिखने पर दिए जाएंगे।

Explanation

उदयपुर

दिनांक 23.6. 2015

माननीय्‌ लेखक महोदय जी,

विषय: - मनपंसद पुस्तक

सविनय नम्र निवेदन है कि आज आपकी जो यह पुस्तक है उसे पढ़ने के बाद मेरे जीवन का अर्थ ही बदल गया। इस पुस्तक ने मेरे दुखी जीवन में सुख की कीरण भर दी। आज मैं उसी की प्रेरणा से सरकारी पद पर कार्यरत हूं और अपने परिवार के प्रति जो जिम्मेदारी है वह पूर्ण निष्ठा के साथ निभा रहा हूं।

इस पुस्तक का नाम है ‘रामचरितमानस’ इस पुस्तक ने मुझे अंदर तक यह अहसास दिलाया है कि किस तरह माँ बाप की आज्ञा का पालन करना चाहिए। उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ नहीं देनी चाहिए। पहले मैं अपने माता पिता की कुछ नहीं सुनता था। पढ़ाई में ध्यान नहीं लगाता था। फिर एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे रामचरितमानस की पुस्तक दी उसे पढ़कर मैं इतना गंभीर हो गया कि जो काम पहले नहीं करता वह आज करने लगा हूं।

शिक्षा: -इससे मुझे सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, आचरण व नीति संबंधी शिक्षा मिली। इसके अलावा समाज में बड़ों के आदर सम्मान भातृत्व प्रेम, वात्सल्य व पारस्परिक एकता की शिक्षा हमें रामायण से मिलती हैं।

हालांकि यह पुस्तक सदीयों पुरानी है पर जब आज भी हम इसे पढ़ते है तो हमें अपनी जिम्मेदारी याद आ जाती हैं। इसलिए इस पुस्तक के लेखक को मैं कोटि कोटि धन्यवाद करता हूं। जिसने मेरी जिंदगी में नए रंग भर दिए हैं।

आपका मित्र

रमेश कुमार

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