IGCSE Hindi (Second Language) Paper-1: Specimen Questions with Answers 44 - 49 of 143

Passage

भारतीय मसालों पर लिखे इस आलेख को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

एक लोककथा है कि एक वैद्यजी थे। उनके बगल के घर में नगर श्रेष्ठि विराजते थे। दोनों घरों के बीच साझा दीवार होने से उधर की बातें इधर और इधर की बाते उधर कानों में पड़ना स्वाभाविक था। जाड़ें दिन थे। शाम का खाना जीमने बैठे नगरश्रेष्ठि को वैद्यजी ने कहते सुना कि उन्हें एक कटोरा भर दही भी दिया जाए। वैद्यजी ने बहू से कहा, जाड़े की शाम को एक कटोरा भर दही दिया जाए। इतना सुनकर वैद्यजी ने अपनी बहू से कहा “जाड़े की शाम को एक कटोरा भर दही खाकर नगरश्रेष्ठि सर्दी और खांसी को निमंत्रण दे रहे हैं। देखना कल ही मुझे उनके इलाज से इतने पैसे मिलेंगे कि तेरे कंगन की जोड़ी पक्की”।

बहू उमंग से उछलती भीतर चली गई। तभी सेठानी की आवाज आई। परसने वाली से उन्होंने कहा कि सेठजी के दही में वह अच्छी चुटकी काली मिर्च, भुने जीरे और काले नमक की बुकनी डालना न भूले हाँ…. । इतना सुनकर वैद्यजी का चेहरा उतर गया और ये बहू से बाले”अब तो सालभर तक तेरे कंगन बनने से रह”।

इसी प्रकार हमारे यहाँ घर-घर में रसोई को रससिद्ध बनाने वाले मिर्च- मसालों से जुड़ी मनोरंजक गाथाएं हमारी लोककथाओं, पुराणों और इतिहास में यहाँ से वहाँ तक विराजमान हैं। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक फेले विशाल देश में खान पान में जो विविधता है यही विविधता मसालों के प्रयोग में भी है। हमारी भाषा और साहित्य की ही तरह हमारे मसाले भी भारतीय और गैर भारतीय तत्वों का एक मिला-जुला बजाना है। उदाहरण के लिए ईसा की पहली सदी तक दक्षिण भारत में चीन से चीनी आती थी। शेष भारत शहद और गुड़ से काम चलाता र्था फिर धीरे-धीरे चीनी का ऐसा चस्का उतर को भी लग गया, कि वहाँ चीनी के स्वरूप में सुधार भी होने लगे। चाय की ही तरह चीन से दालचीनी आई तो कर्पूर और राई भी आए। दक्षिण भारत में कपूर को आज भी ‘चीन कर्पूर ‘कहते हैं।

मेथी दाना आयुर्वेद की राय में मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम दवा है। जिसका प्रयोग जेवनारों में दिव्य सब्जियां या जाड़ों के मेथीपाक जैसे व्यंजन बनाने में सहायक होता है। मेथी भी सदियों पूर्व भारत में यूनान के व्यापारियों के साथ भारत आया। बंगाली खाने की जान पंचफोड़न (यानी मेथी, सॉफ, जीरा, पीली सरसो और कालौंजी इन पांच मसालों के मिश्रण) में भी मेथी विराजमान है। पंचफोड़न के दो अन्य मसाले सॉफ और जींरा भी भूमध्यसागरीय क्षेत से ही भारत आए। अचार, चटनी, मुरब्बे के अलावा उदर रोगों के लिए भी सौंफ का एक शीतलता देने वाले मसाले के रूप में प्रयोग होता हैं। इसी प्रकार जीरे का प्रयोग भारत के सभी प्रांतों में बहुलता से होता है। इसको पाचन क्रिया में मददगार और फ़ितरत (स्वभाव) से गर्म बताया गया है। औषधि के रूप में इसके प्रयोग का वर्णन आयुर्वेदज्ञ चरक ने अपनी पुस्तक ‘चरक संहिता’ में किया है। शल्य चिकित्सक सुश्रुत ने भी दवा के रूप् में इसे उपयोगी बताया है।

Question number: 44 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

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वैद्यजी ने यह क्यों कहा कि अब तेरे कंगन सालभर तक नहीं बनेंगे?

Explanation

क्योंकि सेठानी जी ने दही में मसाले डलवाकर उन्हें बीमार नहीं. होने दिया। इसलिए अब तेरे कंगन सालभर तक नहीं बनेंगे

Question number: 45 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

Is the Following Statement True or False?

दोनों घरों के बीच एक जैसी दीवारें थीं।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य-. . दोनों घरों के बीच साझा दीवार होने से उधर की बातें इधर और इधर की बाते उधर कानों में पड़ना स्वाभाविक था।

Question number: 46 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

Is the Following Statement True or False?

वैद्यजी ने अपनी बहू से कहा कि नगरश्रेष्ठि जाड़े की शाम को दही खाकर बीमारी को बुलावा दे रहे हैं।

Answer

TRUE

Explanation

वैद्यजी ने अपनी बहू से कहा कि नगरश्रेष्ठि जाड़े की शाम को दही खाकर बीमारी को बुलावा दे रहे हैं।

Question number: 47 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

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खाने के अलावा मेथी और सौंफ का प्रयोग किस लिए किया जाता है?

Explanation

मेथी दाना आयुर्वेद की राय में मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम दवा है।. उदर रोगों के लिए सौंफ का एक शीतलता देने वाले मसाले के रूप में प्रयोग होता हैं।

Question number: 48 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

Is the Following Statement True or False?

वैद्यजी का घर नगरश्रेष्ठि के घर के सामने था।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य- वैद्यजी के बगल के घर में नगरश्रेष्ठि रहते थे।

Question number: 49 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

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भारतीय मसालों की तुलना भारतीय भाषा और साहित्य से क्यों की गई?

Explanation

मसालों से जुड़ी मनोरंजक गाथाएं हमारी लोककथाओं, पुराणों और इतिहास में यहाँ से वहाँ तक विराजमान हैं। इसलिए. भारतीय मसालों की तुलना भारतीय भाषा और साहित्य से क्यों की गई हैं।.