IGCSE Hindi (Second Language) Paper-1: Specimen Questions with Answers 75 - 80 of 143

Passage

हिंदु और तेलुगू के यशस्वी साहित्यकार, बान पत्रिका चंदामामा के पूर्व सम्पादक, प्रसिद्ध बालसाहित्य सर्जक, अनन्य हिन्दी साहित्य साधक डॉ. बालकृष्ण राव का जन्म आन्ध्र प्रदेश में हुआ। उनकी मातृभाषा तेलुगू है। उन्होंने 14 उपन्यास, लगभग दर्जनभर नाटक, कहानी संस्मरण, संस्कृति एवं साहित्य से संबंधित पुस्तकें लिखीं।

बात सन्‌ 1946 की है जब मद्रास में हिंदी प्रचार सभा की रजत जयंती पर महात्मा गांधी जी से बालशौरि की पहली भेंट हुई। गांधी जी के राष्ट्रीय आन्दोलन का 14 सूत्रीय रचनात्मक कार्यक्रम के साथ-साथ हिंदी सीखना भी सम्मिलित था। गांधी जी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने हिंदी सीखना शुरू किया। आगे चलकर हिंदी की उच्च शिक्षा परीक्षाएं उत्तीर्ण की। हिंदी पढ़ने के लिए काशी तथा प्रयाग भी गए, यहां पर निराला, महादेवी वर्मा, बच्चन जी जैसे बड़े साहित्यकारों से परिचय हुआ और उन्हें लिखने-पढ़ने की प्रेरणा मिली।

तेलुगू और हिन्दी दोनों में उन्होंने समानान्तर रूप से लेखन कार्य किया। बाल मनोविज्ञान से संबंधित विषयों पर पुस्तकें लिखीं। आपकी लगभग सभी श्रेष्ठ तेलुगू रचनाओं का हिंदी में भी अनुवाद हुआ है। गांधी जी का इनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा अपने साहित्य के माध्यम से इन्हीं गांधीवादी मूल्यों को रेखांकित करने की कोशिश की है।

बाल साहित्य लेखन को आपने अधिक मान-सम्मान और पहचान दी है। इसका सबसे बड़ा कारण उनका चंदामामा पत्रिका से जुड़ना था। उन्होंने 1966 में इस पत्रिका का कार्यभार बतौर संपादक संभाला था, उस समय चंदामामा की प्रसार संख्या 75,000 से बढ़कर 167,000 तक पहुंच गई थी।

वह कहते हैं कि अहिंदी शब्द से मुझे घृणा है। मैं हिंदी का लेखक हूं, यह कहने में मुझे गर्व महसूस होता है। जब मैं हिंदी में लिखता हूं तो हिंदी का लेखक होता हूं। इसका मेरी मातृभाषा से कुछ लेना-देना नहीं है। बार-बार हमें अहिंदी या ंहंदीतर कहकर अपमानित करने की चेष्टा की जाती है। मेरे लिए यह असहनीय है। मेरे कृतित्व के आधार पर आप मुझे छोटा या बड़ा लेखक निर्धारित कीजिए। यदि मेरी रचना में त्रुटि है तो सम्यक अवलोकन करेन के पश्चात्‌ अपने विचार दें। यदि हिंदी भाषी लोग तेलुगू मेें लिखते हैं, तो उनको मैं अतेलुगू रचनाकार नहीं कहूंगा। मैं गर्व से कहूंगा कि मेरी भाषा के लेखक हैं। तेलुगू में अग्रेंजी, तमिल और अनेक भारतीय भाषाओें के विद्वानों ने लिखा है, हम बड़े आदर के साथ अपने साहित्य में उनका उल्लेख करते हैं।

Question 75 (1 of 7 Based on Passage)

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डॉ. बालकृष्ण राव महात्मा गांधी से मिलने के बाद हिंदी सीखने का निश्चय किया।

Answer

TRUE

Explanation

डॉ. बालकृष्ण राव महात्मा गांधी से मिलने के बाद हिंदी सीखने का निश्चय किया।

Question 76 (2 of 7 Based on Passage)

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वह किस बात पर अपमानित महसूस करते हैं?

Explanation

वह कहते हैं कि अहिंदी शब्द से मुझे घृणा है। इसका मेरी मातृभाषा से कुछ लेना-देना नहीं है। बार-बार हमें अहिंदी या ंहंदीतर कहकर अपमानित करने की चेष्टा की जाती है। जो मेरे लिए असहनीय हैं।. .

Question 77 (3 of 7 Based on Passage)

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डॉ. रेड्‌डी ने गांधीवादी विचारों की आलोचना को अपने साहित्य द्वारा पेश किया।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य-अपने साहित्य के माध्यम से इन्हीं गांधीवादी मूल्यों को रेखांकित करने की कोशिश की है।

Question 78 (4 of 7 Based on Passage)

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डॉ. बालकृष्ण राव का जन्म कर्नाटक में हुआ।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य-डॉ. बालकृष्ण राव का जन्म आन्ध्र प्रदेश में हुआ।

Question 79 (5 of 7 Based on Passage)

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Statement

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उनकी श्रेष्ठ तेलगू रचनाओं का अनुवाद लगभग सभी भारतीय भाषाओं में हुआ।

Answer

TRUE

Explanation

उनकी श्रेष्ठ तेलगू रचनाओं का अनुवाद लगभग सभी भारतीय भाषाओं में हुआ।

Question 80 (6 of 7 Based on Passage)

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Statement

True-False▾

डॉ. बालकृष्ण राव मद्रास में निराला बच्चन जैसे बड़े साहित्यकारों से मिलें।

Answer

TRUE

Explanation

डॉ. बालकृष्ण राव मद्रास में निराला बच्चन जैसे बड़े साहित्यकारों से मिलें।

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