CIE Hindi Paper-1: Specimen Questions 9 - 15 of 143

Passage

ध्वनि प्रदूषण

शोर एक अनचाही ध्वनि है। जो ध्वनि कुछ को अच्छी लगती है वहीं दूसरों को नापंसद हो सकती है। यह विभिन्न घटकों पर आधारित होती है। प्राकृतिक वातावरण हवा, समुद्री जानवरों, पक्षियों की स्वीकार युक्त आवाजों से भरा होता है। मनुष्य दव्ारा निर्मित ध्वनियों में मशीन, कारें, रेलगाड़ियां, हवाई जहाज, पटाखे, विस्फोटक आदि शामिल हैं। जो कि ज्यादा विवादित हैं। दोनों तरह के ध्वनि प्रदूषण, नींद, श्रवण, संवाद को ही नहीं यहाँ तक की शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।

यह सिदव् हो गया है कि ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसे पहले वस्तुजनित प्रदूषण का हिस्सा माना जाता था। ध्वनि प्रदूषण अब औद्योगिक पर्यावरण का अनिवार्य अंग है जो कि औद्योगिक शहरीकरण के बढ़ने के साथ बढ़ता ही जा रहा है। यहाँ तक की गैर औद्योगिक क्षेत्रों में भी रंगाई की मशीन, कारों की मरम्मत, ग्राइंडिग आदि कार्यो से आस-पास के वातावरण से शोर पैदा होता रहता हैं यह शोर न केवल चिड़चिड़ाहट, गुस्सा पैदा करता है बल्कि धमनियों में रक्त संचार को बढ़कार हदय की धड़कन को तीव्र कर देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता शोर स्नायविक बीमारी, नर्वसब्रेक डाउन आदि का जन्म देता हैं।

शोर, हवा के माध्यम से संचरण करता है। ध्वनि की तीव्रता को नापने की निर्धारित इकाई को डेसीबल कहतें हैं। विशेषज्ञों का कहना हैं कि 100 डेसीबल से अधिक की ध्वनि हमारी श्रवण शक्ति पर असर डालती है। मनुष्य को न्यूरॉटिक बनाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 45 डेसीबल की ध्वनि को, शहरों के लिए आदर्श माना है। बड़े शहरों में ध्वनि का 90 डेसीबल से अधिक हो जाता है। मुम्बई संसार का तीसरा, सबसे अधिक शोर वाला नगर है। दिल्ली ठीक उसके पीछे है।

आपके सकूल में प्रदूषण रोको दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आपको एक भाषण तैयार करना है। अपने भाषण के लिए ध्वनि प्रदूषण नामक लेख में से नीचे दिए गए प्रत्येक शीर्षक के अंर्तगत टिप्पणियां लिखें जिस पर आपका भाषण आधारित हो।

Question number: 9 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

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ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव

Explanation

1……. धमनियों में रक्त संचार को बढ़कार हदय की धड़कन को तीव्र कर देता है।…

2……. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता शोर स्नायविक बीमारी, नर्वसब्रेक डाउन आदि का जन्म देता हैं।

Question number: 10 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

ध्वनि प्रदूषण फेलने के कारण

Explanation

1 औद्योगिक व गैर-औद्योगिक शहरीकरण के बढ़ने के साथ ध्वनि प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है।

2 शोर, हवा के माध्यम से संचरण करता है।

Question number: 11 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

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भारत का सर्वाधिक ध्वनि प्रदूषित शहर

Explanation

मुम्बई संसार का तीसरा, सबसे अधिक शोर वाला नगर है। दिल्ली ठीक उसके पीछे है।. .

Passage

चम्बा की घाटी पर आधारित निम्नलिखित लेख एक पत्रिका से लिया गया है। इसे ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए

चम्बा की घाटी

कला पारखी डा. बोगल ने यूं ही चम्बा को अचंभा नहीं कह डाला था। और इसमें सैलानी भी इस नगरी में यूं ही नहीं खिंचे चले आते। चम्बा की वादियों में ऐसा कोई सम्मोहन जरूर है जो सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है और वे बार बार यहां दस्तक देने चले आते हैं। जहां मंदिर में उठती स्वर लहरियां परिवेश को आध्यत्मिक बनाती हैं वहीं रावी की नदी की मस्त रवानगी और पहाड़ो से आते शीतल हवा के झोके से सैलानियों को ताजगी का एहसास कराते हैं। चम्बा का इतिहास, कला, धर्म और पर्यटन का मनोहरी मेल है और चम्बा के लोग अलमस्त, फक्कड़ तबीयत के। चम्बा की पहाड़ियों को ज्यों ज्यों हम पार करते हैं, आश्चर्यों के कई वर्क सामने खुलते चले जाते हैं। प्रकृति अपने दिव्य सौन्दर्य की झलक दिखलाती है। चम्बा के सौन्दर्य को आत्मसात करने के बाद ही डा. बोगल ने इसे अचंभा कहा होगा।

चम्बा का यह सौभाग्य रहा कि उसे एक से एक बड़ा कलाप्रिय, धार्मिक और जनसेवक राजा मिला। इन राजाओं के काल में न सिर्फ यहाँ कि लोककलाएँ फली फूलीं अपितु इनकी ख्याति चम्बा की सीमाओं को पार करके पूरे भारत में फेली। इन कलाप्रिय नरेशों में राजश्रीसिंह (1844), राजारामसिंह (1873) व राजा भूरि सिंह (1904) के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वास्तुकला हो या भित्तिचित्रकला, मूर्तिकला हो या काष्टकला, जितना प्रोत्साहन इन्हें चम्बा में मिला शायद ही अन्यत्र कहीं मिला हो। चम्बा कलम शैली ने खास अपनी पहचान बनाई है। किसी घाटी की ऊंचाई पर खड़े होकर देखें तो समूचा चम्बा शहर भी किसी अनूठी कलाकृति जैसा ही लगता है। ढलानदार छतों वाले शहर, शिखर शैली के मंदिर, हरा भरा इसका चौंगान और इसकी पृष्ठभूमि में यूरोपीय प्रभाव लिए महलों का वास्तुशिल्प सहसा ही मन मोह लेता है। यहाँ के प्राचीन रंगमंडल व अखंडचंडीमहल में घूमते हुए अतीत की पदचाप भी सुनी जा सकती है।

चम्बा के संस्थापक राजा साहिल वर्मा ने 920 ई. में इस शहर का नाम अपनी बेटी चम्बा के नाम पर क्यों किया था, इस बारे में एक रोचक किंवदंती प्रचलित है। कहा जाता है कि राजकुमारी चंपावती बहुत ही धार्मिक प्रवृति की थी और नित्य स्वाध्याय के लिए एक साधु के पास जाया करती थी। एक रोज़ राजा को किसी कारणवश अपनी बेटी पर संदेह हो गया। शाम को जब साधु के आश्रम में बेटी जाने लगी तो चपके से राजा ने भी उसका पिछा किया। बेटी के आश्रम में प्रवेश करते ही जब राजा भी अंदर गया तो उसको कोई वहां दिखाई न दिया। लेकिन तभी अंदर से एक आवाज़ गूंजी कि उसका संदेह निराधार है और अपनी बेटी पर शक करने की सज़ा के रूप में उसकी निष्कंलक बेटी छीन ली जाती है। साथ ही राजा को एक मंदिर बनाने का आदेश भी प्राप्त हुआ। चम्बा नगर के ऐतिहासिक चौंगान के पास स्थित इस मंदिर को लोग चमेसनी देवी के नाम से पुकारते हैं। वास्तुकला की दृष्टि से यह मंदिर अदव्तीय है। इस घटना के बाद राजा साहिल वर्मा ने नगर का नामकरण राजकुमारी चम्पा के नाम पर किया, जो बाद में चम्बा कहलाने लगा।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही और गलत का निशान लगाकर दीजिए। साथ ही यह वाक्य भी लिखिए जिसके कारण सही या गलत साबित होता है।

सही गलत

Question number: 12 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Following Statement is true or false:

मंदिर में उठती आवाजें माहौल को आध्यत्मिक बना देती हैं।

Answer

TRUE

Explanation

मंदिर में उठती आवाजें माहौल को आध्यत्मिक बना देती हैं।

Question number: 13 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

True-False▾

Following Statement is true or false:

चम्बा ऐसी जगह है जहां इतिहास है लेकिन उसका कला के साथ कोई संगम नहीं होता।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य- चम्बा का इतिहास, कला, धर्म और पर्यटन का मनोहरी मेल है

Question number: 14 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Following Statement is true or false:

चम्बा के लोग मनमॉजी और मस्त होते हैं।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य-चम्बा के लोग अलमस्त, फक्कड़ तबीयत के होत हैें।

Question number: 15 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Following Statement is true or false:

डॉ. बोगल ने चम्बा की प्रकृति को आत्मसात करने के पहले ही इसे अचंभा कहा होगा।

Answer

FALSE

Explanation

औचित्य-चम्बा के सौन्दर्य को आत्मसात करने के बाद ही डा. बोगल ने इसे अचंभा कहा होगा।

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