CIE Hindi Paper-1: Specimen Questions 102 - 103 of 143

Passage

’बाबर का स्कूल’

खुले आसमान के नीचे बैठे 20 बच्चे अपनी कक्षा शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन बच्चों में से कुछ अपनी किताबों में आंखें गड़ाएं हैं तो कुछ इधर-उधर ताक रहे हैं। इन्हीं बच्चों के बीच में खाकी पैंट पहने खड़े हैं हेडमास्टर साहब जो लगातार जोर-जोर से बच्चों को निर्देश दे रहे हैं। हेडमास्टर की बात सारे बच्चों के मतलब की नहीं हैं इसलिए कुछ ही दूर टेढ़ी-मेढ़ी लाइनों में बैठे पहली कक्षा के बच्चों को आप हंसी-ठिठोली करते और धूल में खेलते हुए देख सकते हैं।

यह बाबर अली का स्कूल, आंनद शिक्षा निकेतन। यह स्कूल उन 800 बच्चों की पढ़ने-लिखने में मदद कर रहा है जो औपचारिक शिक्षा तंत्र से छिटक गए हैं। यहां बच्चे कई किलोमीटर दूर से पैदल चलकर आते हैं। बाबर अली का यह आनंद शिक्षा निकेतन स्कूल खेल-खेल में बन गया था। जैसा कि वह बताता है, ”हम स्कूल-स्कूल खेला करते थे। क्योंकि मेरे दोस्त कभी स्कूल नहीं गए थे। वे छात्र बनते थे और मैं हेडमास्टर। खेल-खेल में वे अंकगणित सीख गए।” 2002 में बाबर ने इस खेल को कुछ गंभीरता से लिया और स्कूल शुरू कर दिया।

ल्ेकिन बाद में जैसे-जैसे इस नन्हें हेडमास्टर और उसके

स्कूल की ख़बर फैलती गई लोग मदद करने के लिए आगे आते गए। मदद करनेवालों में बाबर के स्कूल शिक्षकों, स्थानीय रामकृष्ण मिशन के सन्यासियों और आईएस अधिकारियों से लेकर स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल हो गए। बाबर ने अपने स्कूल में जब मध्याह भोजन की शुरूआत की तो पहले चावल उसके पिता के खेत से ही आया लेकिन अब स्थानीय प्रशासन में स्थित दोस्तों की मदद से अनाज सरकारी कोटे से आता है।

इस नन्हें हेडमास्टर का हर दिन सुबह सात बजे अपने स्कूल से शुरू होता है। जहां बाबर बारहवीं कक्षा का छात्र है। दोपहर एक बजे स्कुल खत्म होते ही अपनी दूसरी भूमिका के लिए तैयार हो जाता है। दूसरी तरफ सफेद साड़ी पहनने वाली और स्कूल में एक हाथ में छड़ी रखकर घूमनेवाली टुलु रानी हाजरा जो सुबह के समय मछली बेचने का काम करती हैं और दोपहर के वक्त वे इस शिक्षा आंदोलन की सक्रिय सदस्य बन जाती हैं। वे घूम-घूम कर मछली बेचने के दौरान उन लोगों से मिलती हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। अपने स्कूल के लिए नए छात्र जोड़ना भी उनका काम है। अब तक वे ऐसे 80 बच्चों को स्कूल की राह दिखा चुकी हैं।

बाबर की ही तरह दसवीं में पढ़नेवाले इम्तियाज शेख कहते हैं, ”शिक्षा अंधियारा दूर करता है। यहां जिंदगी बेहतर बनाने का यही रास्ता है। इसीलिए मैं आनंद शिक्षा निकेतन में पढ़ाता हूं।” लेकिन क्या इन शिक्षकों की कम उम्र छात्रों को संभालने में आड़े नहीं आती? इस पर बाबर कहते हैं, ”हमारे बीच उम्र का कम फासला इस हिसाब से फायदेमंद है कि हम छात्रों के साथ दोस्तों की तरह रह सकते हैं। मेरे स्कूल में छड़ी कोन में पड़ी रहती है।” सपने देखनेवाले और उन्हें जमीन पर उतारनेवाले इस नन्हे हेडमास्टर का अगला सपना है- अपने स्कूल के लिए एक पक्की इमारत। वे चाहते हैं कि एक प्रयोगशाला, खेल का मैदान और आकडिटोरियम भी बन सके। लेकिन ये फिलहाल बाद की बातें हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही गलत का निशान लगाकर दीजिए। यदि वाक्य गलत है तो पाठांश के आधार पर वह वाक्य भी लिखिए जिससे वाक्य सही साबित होता है।

सही गलत

उदाहरण-बच्चे कक्षा के अंदर बैठे हैं।

औचित्य- बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठे हैं।

Question number: 102 (8 of 8 Based on Passage) Show Passage

Short Answer Question▾

Write in Short

टुलु रानी हाजरा स्कूल के लिए क्या काम करती हैं?

Explanation

वे इस शिक्षा आंदोलन की सक्रिय सदस्य बन गई हैं। वे घूम-घूम कर मछली बेचने के दौरान उन लोगों से मिलती हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। अपने स्कूल के लिए नए छात्र जोड़ना भी उनका काम है। अब तक वे ऐसे 80 बच्चों को स्कूल की राह दिखा चुकी हैं।…

Question number: 103

Essay Question▾

Describe in Detail

आइए और अपनी रचनात्मक योग्यता का परिचय दीजिए। क्या आप अपनी कला से लोगों को जागरूक ग्राहक बनने का संदेश दे सकते हैं?

’जागो ग्राहक जागो’

विज्ञान भवन, नई दिल्ली 110001

दूरभाष 2978452390, 2950893451

जागो ग्राहक जागो अभियान पोस्टर प्रतियोगिता आवेदन

जागो ग्राहक जागो अभियान को अखिल भारतीय स्तर पर सफल बनाने के लिए एक पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में 14 से 16 वर्ष की आयु तक के बच्चे भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ दस पोस्टरों को सम्मानित किया जाएगा सिसमें विजेताओं को एक वर्ष के जिए छात्रवृति और एक कम्प्यूटर दिया जाएगा।

गीता मारवाह की आयु 16 वर्ष है। यह कक्षा बारहवीं की छात्रा है। गीता मारवाह को चित्रकला में विशेष रुचि है। बचपन से ही रंग बिरंगे चित्र उन्हें आकर्षित करते रहे हैं। विशेषकर बड़े फिल्मी पोस्टरों को वह ज्यादा पंसद करती है। पोस्टर शैली में विशेष रुचि के कारण ही वे स्कूल के बाद पोस्टर चित्रकला का विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। वे पूणे में अपने परिवार के साथ गणेश अपार्टमेंट के मकान न. 384 में रहती हैं। उसका टेलिफोन न. 255989801 है। उनका ई-मेल पता है [email protected] ac. in गीता मारवाह की पारंपरिक भित्ति चित्र शैली में दिलचस्पी है। इसके साथ ही आधुनिक पोस्टर शैली से भी विशेष लगाव है।

गीता मारवाह ने यह विज्ञापन देखा और वह इस प्रतियोगिता के लिए आवेदन करना चाहती हैं।

आप अपने को गीता मारवाह मानकर नीचे दिए गए आवेदन पत्र को भरिए।

Explanation

’जागो ग्राहक जागो’

विज्ञान भवन, नई दिल्ली 110001

दूरभाष 2978452390, 2950893451

आवेदक का नाम ……… गीता मारवाह …………………………………………………. .

आयु- ………. 16 वर्ष ………………………………………………………….

स्थायी पता- ……… मकान न. 384, गणेश अपार्टमेंट ………………………………………………………………………………………………………….

शहर- ……. . पुणे…………………………………………………………………………….

दूरभाष- ………. . न. 255989801 …………………………………………………………….

पोस्टर शैली का अनुभव

… पोस्टर शैली में विशेष रुचि के कारण ही वे स्कूल के बाद पोस्टर चित्रकला का विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। ……………………………………………………………………………………………. .

चित्रकला की दो शैलियों का ब्यौरा दिजिए

  • विशेषकर बड़े फिल्मी पोस्टरों को वह ज्यादा पंसद करती है।
  • …. . पारंपरिक भित्ति चित्र शैली में दिलचस्पी है। …………………………………………………………….
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