CIE Hindi Paper-1: Specimen Questions 94 - 94 of 143

Question number: 94

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Describe in Detail

निम्नलिखित आलेख के आधार पर एक लेख लिखिए और बताइए कि क्या वर्षा के जल संरक्षण से पानी की कमी को हल करने में मदद मिलेगी? आलेख की मुख्य बातों को अपने शब्दों में लिखिए।

आपका आलेख 100 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।

संगत बिन्दुओं के समावेश पर 6 अंक और भाषिक अभिव्यक्ति के लिए 4 अंक निर्धारित हैं। पाठांश से वाक्य उतारना उचित नहीं है।

जल संरक्षण

पानी की समस्या आज भारत में ही नहीं वरन विश्व के कई हिस्सों में विकराल रूप ले चुकी है। इस समस्या से जूझने के कई प्रस्ताव भी सामने आए हैं। साथ ही पर्यावरण भी सामने आए हैं। उनमें ऐ एक है नदियों को जोड़ना। लेकिन यह काम बहुत मंहगा और वृहत्‌ स्तर का है, साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसके विरूद्ध काफी प्रतिक्रियाएं भी हुई हैं। बारिश के पानी को बर्बाद होने से बचाना और इसका संरक्षण करना शायद जमीनी नदियों को जोड़ने की अपेक्षा ज्यादा आसान होगा।

यदि पानी का संरक्षण एक दिन शहरी नागरिकों के लिए अहम मुद्दा बनता है तो निश्चित ही इसमें तमिलनाडु का नाम सबसे आगे होगा। लम्बे समय से तमिलनाडु में ठेंकेदारों और भवन निर्माताओं के लिए नये मकानों की छत पर वर्षा के जल संरक्षण के लिए इंतजाम करना आवश्यक है। पर पिछले कुछ सालों से गंभीर सूखे से जूझने के बाद तमिलनाडु सरकार इस मामले में और भी प्रयत्नशील हो गई है। उसने एक आदेश जारी करके तीन महीने के अन्दर सारे शहरी मकानों और भवनों की छतों पर वर्षा जल संरक्षण संयत्रों का लगाना अनिवार्य कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये हैं कि सभी संस्थानों के लिए यह अनिवार्य है। आज लगभग हर आदमी इस काम में विश्वास करता हैं कि पानी का संरक्षण आवश्यक है। चेन्नई में एक नया जोश है।

श्रामकृष्णन ने ठूठूक्कुडी ज़िले के विलाथीकुलम नामक गांव के एक तालाब को पुनर्जीवित करने का निश्चय किया। इस परियोजना की रूपरेखा बनाने में उनको ”धान संस्था” के रूप में एक उत्तम सहयोगी भी मिल गया है। इस संस्था ने सबसे पहले जिस गांव के तालाब का जीर्णोदव्ार किया था उसी के नाम पर उनका काम ”एडआर मॉडल” के नाम से मशहूर हुआ। इस में स्थानीय लोग, ग्राम पंचायत तथा सरकार तथा धान संस्थान एवं अनुदान देने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर काम करते हैं। इन पुनर्जीवित तालाबों ने लोगों में नया उत्साह, उमंग और सुरक्षा की भावना को भर दिया है।

पंप और पाइप का इस्तेमाल अभी भी होता है लेकिन पानी का स्त्रोत केवल हैंडपंप ही नहीं है बल्कि तालाब भी है। पर शायद लोगों के काम का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है पम्मल में स्थित साढ़े पांच एकड़ में फेले सूर्य अम्मन मंदिर की टंकी का पुनरूद्धार । इसका श्रेय मुख्यत: मंगलम सुब्रमण्यम को जाता है।जिन्होंने स्थानीय लोगों तथा व्यापारियों को इस काम के लिए जाग्रत किया।

Explanation

लेख

कहते जल ही जीवन का आधार हैं, ’अमृत्‌ जलम्‌’ यह अभियान हमारे यहां बहुत समय से चल रहा है फिर भी इसका संरक्षण बेहतर ढंग से नहीं हो पा रहा हैं आज पानी की समस्या विश्व के हर कोने में हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए कई उपाय है जो हमें आज से ही करने पड़गें। पहले इसके प्रति आम जनता को जागरूक करना पड़ेगा। कि जल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण हैं। इसलिए जल का संरक्षण करने के लिए हमें वर्षा के जल का भरपूर संरक्षण करना होगा। इसके साथ ही कई जगहों जैसे नदियों, बाबड़ी, घरों में पानी को संरक्षित कर सकते हैं। ताकि आने वाले समय में पानी की समस्या न हो। एवं हम भी पानी का दुरूप्रयोग न करें।

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